केतु

केतु दोष क्या है? केतु दोष कम करने के उपाय ?

केतु दोष क्या है?
वैदिक ज्योतिष में केतु एक छाया ग्रह है, जो अदृश्य होता है और रूहानी, आध्यात्मिक, गूढ़ और अनदेखे प्रभावों से जुड़ा होता है। जब केतु किसी जन्म कुंडली में अशुभ स्थानों पर स्थित हो या किसी ग्रह के साथ युति (संयोग) में होकर नकारात्मक प्रभाव डाले, तो उसे केतु दोष कहा जाता है।

केतु दोष के सामान्य लक्षण:

  1. मानसिक तनाव, भ्रम, भय या अवसाद
  2. अचानक दुर्घटनाएँ या चोट लगना
  3. आत्मविश्वास की कमी और डरावने सपने
  4. संतान से संबंधित समस्याएँ
  5. स्वास्थ्य समस्याएँ जैसे त्वचा रोग, जोड़ों का दर्द, या मानसिक अस्थिरता
  6. करियर या पढ़ाई में रुकावटें
  7. आध्यात्मिक भ्रम या तंत्र-मंत्र जैसी प्रवृत्तियाँ

🕉️ केतु दोष कम करने के उपाय

  1. केतु मंत्र का जाप करें

👉 “ॐ कें केतवे नमः”
🔁 प्रतिदिन 108 बार जाप करें, विशेषकर मंगलवार या शनिवार को।

  1. केतु ग्रह की शांति हेतु दान करें
  • कंबल, नीले या धूसर रंग के वस्त्र
  • कुत्ते को रोटी देना
  • लोहे का सामान, तिल या सरसों का तेल
    📅 शनिवार के दिन गरीबों को दान करना विशेष फलदायक होता है।
  1. केतु यंत्र धारण करें
  • सिद्ध केतु यंत्र को पूजा स्थान में रखें या चांदी की लॉकेट में पहनें।
  1. हनुमान जी की पूजा करें
  • मंगलवार और शनिवार को हनुमान चालीसा पढ़ें।
  • बजरंग बाण या सुंदरकांड का पाठ करें।
  1. तिल के तेल का दीपक जलाएं
  • शनिवार को पीपल के पेड़ के नीचे तिल के तेल का दीपक जलाना शुभ होता है।
  1. गोमेद रत्न (Hessonite Gemstone)
  • योग्य पंडित की सलाह से गोमेद धारण किया जा सकता है।
  1. केतु से संबंधित व्रत रखें
  • विशेषकर मंगलवार या शनिवार को एक समय फलाहार करें और प्रभु का स्मरण करें।
  1. काले कुत्ते को रोटी या दूध देना
  • केतु कुत्ते से जुड़ा हुआ ग्रह है; इससे शांति मिलती है।

 

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