शनि

शनि ग्रह (Shani Grah)

शनि (Shani / Saturn) पर, जो नवग्रहों में न्यायाधीश के रूप में जाने जाते हैं। यह ग्रह जीवन में कर्म, अनुशासन, धैर्य, संघर्ष और न्याय से जुड़ा होता है।


शनि ग्रह (Shani Grah) की भूमिका —

📌 शनि क्या दर्शाता है?

शनि ग्रह को कर्म का दंडाधिकारी और ज्योतिष का न्यायाधीश कहा गया है। यह व्यक्ति के जीवन में परिश्रम, विलंब, जिम्मेदारी, गरीबी, तपस्या, विनम्रता, सेवा और न्याय का कारक है।

गुणधर्म विवरण
प्रकृति क्रूर, धीमा, शिक्षक
लिंग पुरुष
दिन शनिवार
रंग नीला / काला
धातु लोहा
शरीर के अंग पैर, नसें, हड्डियाँ, त्वचा
संबंध मजदूर, सेवक, वृद्ध, निर्धन, न्यायाधीश

🔺 कुंडली में उच्च का शनि (Uch ka Shani):

  • राशि: तुला राशि (Libra)

  • डिग्री: 20 डिग्री (Libra में)

  • लक्षण:
    उच्च का शनि व्यक्ति को धैर्यवान, अनुशासित, जिम्मेदार, ईमानदार और मेहनती बनाता है। ऐसे लोग जीवन में धीरे-धीरे लेकिन ठोस सफलता पाते हैं और न्यायप्रिय होते हैं।


🔻 कुंडली में नीच का शनि (Neech ka Shani):

  • राशि: मेष राशि (Aries)

  • डिग्री: 20 डिग्री (Aries में)

  • लक्षण:
    नीच का शनि व्यक्ति को आलसी, गैर-जिम्मेदार, आत्मबल में कमजोर या दुखदायी जीवन देने वाला बना सकता है। ऐसे व्यक्ति को जीवन में बार-बार संघर्षों से गुजरना पड़ता है।


🪔 शनि की दशा और साढ़ेसाती:

  • शनि की महादशा 19 वर्षों की होती है। यदि शनि शुभ स्थिति में हो, तो यह स्थिरता, मकान, नौकरी, न्याय, आध्यात्मिक प्रगति देता है।

  • साढ़ेसाती: जब शनि चंद्रमा से 12वें, 1वें और 2वें भाव में गोचर करता है, तो 7.5 वर्षों की कठिन परीक्षा की घड़ी आती है, जिसे “साढ़ेसाती” कहा जाता है।


🕉️ शनि को शांत और शुभ बनाने के उपाय:

  1. “ॐ शं शनैश्चराय नमः” या “ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः” मंत्र का जाप करें।

  2. शनिवार को उपवास रखें, काले वस्त्र पहनें।

  3. काली उड़द, तिल, लोहे का दान करें, गरीबों, मजदूरों की सेवा करें।

  4. पीपल के वृक्ष की पूजा करें, जल चढ़ाएं (विशेषकर शनिवार को)।

  5. शिव, हनुमान जी की पूजा करें — हनुमान जी शनि को शमन करने वाले देवता माने जाते हैं।

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