लहसुनिया (Cat’s Eye / Lehsuniya), जो केतु ग्रह का रत्न है।
यह रत्न अत्यंत रहस्यमय और त्वरित प्रभाव देने वाला माना जाता है, विशेष रूप से आध्यात्मिक और गूढ़ विषयों में।
🐾 लहसुनिया रत्न की विशेषताएँ (Lehsuniya Ratna Ki Visheshatayen)
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रंग (Color) – ग्रे, हरा, पीला, धूसर, शहद जैसे रंग; मुख्य विशेषता है “बिल्ली की आंख” जैसी चमक” (Chatoyancy)।
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रचना (Composition) – यह मुख्यतः Chrysoberyl या Quartz समूह का रत्न होता है।
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कठोरता (Hardness) – Mohs Scale पर 8.5 – यानी यह कठोर और टिकाऊ होता है।
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चमक (Luster) – रेशमी चमक (Silky Luster), बीच में चलती हुई चमकदार रेखा (Cat’s Eye Effect)।
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ग्रह – यह केतु (Ketu) ग्रह से संबंधित है।
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ऊर्जा – रहस्यवाद, तप, साधना, अचानक घटनाओं, दुश्मनों से रक्षा, आध्यात्मिक उन्नति के लिए उपयोगी।
⛏️ लहसुनिया कहाँ से प्राप्त होता है? (Lehsuniya Kahan Se Milta Hai)
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श्रीलंका (Ceylon) – सर्वोत्तम गुणवत्ता के प्राकृतिक लहसुनिया।
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भारत (ओडिशा, आंध्रप्रदेश, तमिलनाडु) – प्राचीन खदानें।
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ब्राजील, म्यांमार, अफ्रीका – उच्च गुणवत्ता के रत्न भी यहाँ से मिलते हैं।
💰 भारत में लहसुनिया की कीमत (Lehsuniya Ki Kimat in India)
गुणवत्ता | कीमत (प्रति कैरेट) |
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सामान्य (Quartz आधारित) | ₹500 – ₹2,000 |
मध्यम गुणवत्ता (India) | ₹2,000 – ₹6,000 |
उच्च गुणवत्ता (Ceylon) | ₹6,000 – ₹25,000+ |
👉 असली लहसुनिया की पहचान उसकी स्पष्ट Cat’s Eye लाइन से होती है जो प्रकाश के साथ “स्लाइड” करती है।
🧑⚖️ कौन पहन सकता है लहसुनिया? (Kaun Pahan Sakta Hai Lehsuniya)
✅ उपयुक्त जातक (Kundali ke Anusar):
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जिनकी कुंडली में केतु शुभ भावों (3, 6, 9, 10, 11) में हो या केतु की दशा चल रही हो।
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जिनके जीवन में अचानक बाधाएं, दुर्घटनाएं, अदृश्य डर, शत्रुता या आध्यात्मिक उथल-पुथल चल रही हो।
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वृश्चिक (Scorpio) राशि वालों के लिए प्रायः लाभकारी।
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साधक, ज्योतिषी, तांत्रिक, योगी आदि के लिए भी श्रेष्ठ रत्न।
❌ कब न पहनें:
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यदि केतु अशुभ भावों (8, 12) में हो या चंद्र, शुक्र आदि से पीड़ित हो तो विशेषज्ञ से सलाह लेकर पहनें।
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इसका प्रभाव अत्यंत तेज़ होता है, इसलिए 7 दिन ट्रायल करना अत्यंत आवश्यक है।
🩺 लहसुनिया के शारीरिक लाभ (Sharirik Labh)
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मस्तिष्क और न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर में लाभदायक।
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अचानक दुर्घटना, ड्रग-एलर्जी, असंतुलन से रक्षा करता है।
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आंख, नर्व, रीढ़ की हड्डी संबंधी समस्याओं में सहायक।
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भूत-प्रेत बाधा, काल्पनिक डर, मानसिक भ्रम आदि में राहत।
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आध्यात्मिक जागृति और ध्यान-तपस्या में सहायक।
🛐 कैसे पहनें (Pehanne Ki Vidhi)
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धातु – चांदी या पंचधातु।
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अंगुली – अनामिका (Ring Finger) या मध्यमिका (Middle Finger)।
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दिन और समय – मंगलवार या शनिवार शाम को (केतु काल में भी)।
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मंत्र –
ॐ कें केतवे नमः (108 बार जाप करें)