मंगल

🔴 मंगल ग्रह (Mangal Grah) की भूमिका —

📌 मंगल क्या दर्शाता है?

मंगल को युद्ध का सेनापति कहा गया है। यह ऊर्जा, साहस, पराक्रम, बल, क्रोध, भूमि, संपत्ति, भाई, तकनीकी ज्ञान, पुलिस और सैन्य क्षेत्र का कारक ग्रह है।

गुणधर्म विवरण
प्रकृति क्रूर ग्रह (उग्र स्वभाव)
लिंग पुरुष
दिन मंगलवार
रंग लाल
धातु तांबा
शरीर के अंग रक्त, मांसपेशियाँ, हड्डियाँ, अग्नि तत्त्व
संबंध छोटा भाई, सैनिक, इंजीनियर, डॉक्टर, बिल्डर

🔺 कुंडली में उच्च का मंगल (Uch ka Mangal):

  • राशि: मकर राशि (Capricorn)

  • डिग्री: 28 डिग्री (Capricorn में)

  • लक्षण:
    उच्च का मंगल व्यक्ति को अद्भुत साहस, अनुशासन, कार्य में दृढ़ता, नेतृत्व क्षमता और संघर्ष से लड़ने की ताकत देता है। ऐसा व्यक्ति सेना, खेल, पुलिस या टेक्निकल क्षेत्र में सफल होता है।


🔻 कुंडली में नीच का मंगल (Neech ka Mangal):

  • राशि: कर्क राशि (Cancer)

  • डिग्री: 28 डिग्री (Cancer में)

  • लक्षण:
    नीच का मंगल व्यक्ति को क्रोधी, असंतुलित, दुर्घटना प्रवृत्त, या एग्रेसिव बना सकता है। ऐसे जातक को जमीन-जायदाद के विवाद, चोट, भाईयों से तनाव या रक्त संबंधित रोग हो सकते हैं।


🔥 मंगल दोष (Mangal Dosh):

अगर मंगल लग्न, चतुर्थ, सप्तम, अष्टम या द्वादश भाव में होता है, तो मांगलिक दोष (Manglik Dosh) बनता है। इससे वैवाहिक जीवन में विलंब या संघर्ष संभव हो सकता है।


🕉️ मंगल को शांत/सबल करने के उपाय:

  1. “ॐ अंगारकाय नमः” या “ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः” का जाप करें।

  2. मंगलवार को उपवास करें और हनुमान जी की पूजा करें।

  3. लाल वस्त्र पहनें, मसूर दाल, तांबा या लाल चंदन का दान करें।

  4. शिवलिंग पर जल चढ़ाएँ, क्योंकि शिव मंगल को शांति देते हैं।

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