नीलम रत्न (Blue Sapphire)

🔵 नीलम रत्न की विशेषताएँ (Neelam Ratna Ki Visheshatayen)

  1. रंग (Color) – हल्का नीला से गहरा नीला, रॉयल ब्लू, इंडिगो ब्लू आदि।

  2. रचना (Composition) – यह भी कोरन्डम (Corundum) खनिज से बनता है, जैसे माणिक और पुखराज।

  3. कठोरता (Hardness) – Mohs Scale पर 9 – यानी बहुत कठोर और टिकाऊ रत्न।

  4. चमक (Luster) – कांच जैसी चमक (Vitreous Luster), पारदर्शी से अर्ध-पारदर्शी।

  5. ग्रह – यह शनि ग्रह से संबंधित है।

  6. ऊर्जा – अनुशासन, न्याय, स्थिरता, भाग्य, कर्म और व्यावसायिक उन्नति से जुड़ी ऊर्जा देता है।


⛏️ नीलम कहाँ से प्राप्त होता है? (Neelam Kahan Se Milta Hai)

  1. कश्मीर (भारत) – सबसे प्रसिद्ध और दुर्लभ कश्मीरी नीलम (अब लगभग बंद)।

  2. श्रीलंका (Ceylon) – सबसे ज्यादा प्रयोग होने वाला, हल्के नीले रंग का उत्तम नीलम।

  3. बर्मा (Myanmar) – गहरे रंग वाले और कीमती नीलम।

  4. थाईलैंड, अफ्रीका (तंजानिया, नाइजीरिया) – मध्यम गुणवत्ता वाले नीलम।

  5. ऑस्ट्रेलिया – अक्सर कालेपन लिए होते हैं, कम प्रभावशाली माने जाते हैं।


💰 भारत में नीलम की कीमत (Neelam Ki Kimat in India)

गुणवत्ता कीमत (प्रति कैरेट)
सामान्य (Australia) ₹1,000 – ₹5,000
मध्यम गुणवत्ता (Africa) ₹5,000 – ₹25,000
उच्च गुणवत्ता (Sri Lanka) ₹25,000 – ₹1,00,000+
कश्मीरी नीलम (दुर्लभ) ₹1 लाख – ₹5 लाख+ प्रति कैरेट

👉 नकली नीलम अक्सर कांच, कृतिम रत्न या सस्ते रंगीन पत्थरों से बनाए जाते हैं।


🧑‍⚖️ कौन पहन सकता है नीलम? (Kaun Pahan Sakta Hai Neelam)

उपयुक्त जातक (Kundali ke Anusar):

  • जिनकी कुंडली में शनि ग्रह शुभ भावों (लग्न, 3, 6, 10, 11) में स्थित हो।

  • मकर (Capricorn) और कुंभ (Aquarius) राशि वालों के लिए यह जन्मराशि रत्न होता है।

  • जिनके जीवन में शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या चल रही हो, तो शुभ शनि होने पर लाभकारी।

कब न पहनें:

  • यदि शनि 8वें, 12वें, या 6वें भाव में हो और शत्रु ग्रहों से पीड़ित हो तो नीलम हानिकारक हो सकता है।

  • इसे पहनने से पहले परीक्षण (7 दिन ट्रायल) करना आवश्यक होता है।


🩺 नीलम के शारीरिक लाभ (Sharirik Labh)

  1. नर्वस सिस्टम (स्नायु तंत्र) को मजबूत करता है।

  2. हड्डियों, घुटनों और जोड़ों के दर्द में राहत देता है।

  3. थायरॉइड, सिरदर्द, गठिया जैसी समस्याओं में उपयोगी हो सकता है।

  4. नींद और मानसिक स्थिरता देता है – अनिद्रा, बेचैनी में फायदेमंद।

  5. डिप्रेशन और न्यूरोलॉजिकल समस्याएं कम करने में सहायक।


🛐 कैसे पहनें (Pehanne Ki Vidhi)

  • धातु – चांदी या पंचधातु (कुछ लोग लोहे की अंगूठी में भी पहनते हैं)।

  • अंगुली – मध्यमा (Middle Finger) दाएं हाथ में।

  • दिन और समय – शनिवार सुबह 6 से 8 बजे, सूरज उगने के 1 घंटे के भीतर।

  • मंत्र

    ॐ शं शनैश्चराय नमः (108 बार जाप कर पहनें)


⚠️ विशेष चेतावनी:

नीलम बहुत तेज़ प्रभाव देने वाला रत्न है। सही न हो तो:

  • दुर्भाग्य, दुर्घटना, मानसिक अस्थिरता, धन हानि हो सकती है।

  • ट्रायल रिंग पहनकर 7 दिन तक उसका असर देखना चाहिए।

Scroll to Top