हिंदू ज्योतिष शास्त्र में नवग्रह (9 ग्रह) का विशेष महत्व होता है। ये नवग्रह व्यक्ति के जीवन, स्वभाव, भाग्य, स्वास्थ्य, विवाह, करियर आदि पर गहरा प्रभाव डालते हैं। इन ग्रहों की शांति और अनुकूलता के लिए अलग-अलग रत्नों का प्रयोग किया जाता है।
🔯 नवग्रह और उनके रत्न:
ग्रह का नाम | रत्न का नाम | रत्न का रंग | पहनने का दिन | धातु | मंत्र (जप करते समय) |
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☀ सूर्य (Surya) | माणिक्य (Ruby) | लाल | रविवार | सोना | “ॐ घृणि सूर्याय नमः” |
☽ चंद्र (Chandra) | मोती (Pearl) | सफेद | सोमवार | चांदी | “ॐ चं चंद्राय नमः” |
♂ मंगल (Mangal) | मूंगा (Coral) | लाल | मंगलवार | तांबा | “ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः” |
☿ बुध (Budh) | पन्ना (Emerald) | हरा | बुधवार | कांसा | “ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः” |
♃ बृहस्पति (Guru) | पुखराज (Yellow Sapphire) | पीला | गुरुवार | सोना | “ॐ बृं बृहस्पतये नमः” |
♀ शुक्र (Shukra) | हीरा (Diamond) | सफेद | शुक्रवार | चांदी | “ॐ शुं शुक्राय नमः” |
♄ शनि (Shani) | नीलम (Blue Sapphire) | नीला | शनिवार | लोहा | “ॐ शं शनैश्चराय नमः” |
☊ राहु (Rahu) | गोमेद (Hessonite) | शहद रंग / भूरे | शनिवार | पंचधातु | “ॐ रां राहवे नमः” |
☋ केतु (Ketu) | लहसुनिया (Cat’s Eye) | हल्का पीला/धुंधला | मंगलवार | चांदी | “ॐ कें केतवे नमः” |
⚠️ महत्वपूर्ण सुझाव:
- किसी भी रत्न को पहनने से पहले ज्योतिषाचार्य से कुंडली की जांच अवश्य करवाएं।
- गलत रत्न पहनने से लाभ की जगह हानि हो सकती है।
- रत्न की शुद्धता, भार (carat), और दिशा भी महत्वपूर्ण होते हैं।
- रत्न धारण करते समय सिद्धि (ऊर्जावान बनाना) और मंत्र जाप करना आवश्यक होता है।
अगर आप चाहें तो मैं आपकी कुंडली के अनुसार कौन-सा रत्न उपयुक्त रहेगा, उसका विश्लेषण भी कर सकता हूँ (यदि आप जन्म विवरण दें)।